यरूशलेम की बसों पर किसका नियंत्रण? हिंसा अनियंत्रित

बस चालक पर हमला और सात किशोरों पर आरोप यरूशलेम परिवहन की सुरक्षा व नियंत्रण पर नए सवाल उठाते हैं। वीडियो
यरूशलेम में बस पर हुए हमले और तोड़फोड़ की घटना का दृश्य।
पुलिस दस्तावेज़ों में दिखता है कि किशोरों की हिंसा में चालक पर हमला हुआ और बस को नुकसान पहुँचा। (Photo: Israel Police Spokesperson)

एक बस चालक पर हिंसक हमला और उसमें शामिल सात किशोरों पर आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद यरूशलेम की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था फिर सुर्खियों में है। हाल के महीनों में चालकों ने गाली-गलौज, धमकी, मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी की शिकायत की है, जिससे रोज़ाना बसों पर निर्भर यात्रियों में भी असुरक्षा गहरी हुई है।

हाल के महीनों में बस हिंसा कितनी बढ़ी है?

कई चालक बताते हैं कि देर रात की लाइनें अब सबसे अस्थिर हो गई हैं। कई बार मामूली विवाद भी हिंसा में बदल जाता है और चालक का अधिकार कमजोर पड़ता दिखाई देता है।

इस ताज़ा हमले में क्या हुआ था?

आरोप-पत्र के अनुसार, घटना लगभग आधी रात को शुरू हुई। किशोरों ने चालक को थप्पड़ मारा, बस को नुकसान पहुँचाया और केबिन में घुसकर उसका मोबाइल फोन, पहचान-पत्र और बैंक कार्ड ले लिए। जब चालक भागने लगा, तो किशोरों ने उसका पीछा किया, धमकियाँ दीं और पत्थर फेंकते रहे। वहां से गुजर रही दूसरी बस पर भी पत्थर लगा और उसका दरवाज़ा टूट गया।

बाद में पुलिस ने संदिग्धों से चालक के व्यक्तिगत दस्तावेज और टूटा हुआ मोबाइल बरामद किया।

यरूशलेम जिला पुलिस ने कैसी प्रतिक्रिया दी?

लेव हाबिरा स्टेशन की पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची, कुछ किशोरों को दौड़ाकर पकड़ा और बाद में अन्य शामिल किशोरों को भी हिरासत में लिया। जाँच पूरी होने पर पुलिस ने सार्वजनिक अव्यवस्था, सरकारी कर्मचारी पर हमला, चोरी, वाहन क्षति और अन्य धाराओं में आरोप दायर किए।

यरूशलेम जिला पुलिस ने कहा कि वे “सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा, विशेषकर सेवा-कर्मियों के खिलाफ हमलों को रोकने के लिए सख्ती और निरंतरता के साथ कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि सभी शामिल व्यक्तियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।”

यात्रियों के लिए इसका क्या अर्थ है?

बसों में बढ़ती हिंसा से केवल चालक ही नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के यात्रियों का भरोसा भी कमजोर होता है। हर घटना यह सवाल गहरा करती है कि व्यस्त मार्गों पर सुरक्षा और नियंत्रण को कायम रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

क्या यरूशलेम अपनी बसों पर नियंत्रण वापस पा सकेगा?

आरोप-पत्र निवारक संदेश देने की कोशिश करता है, लेकिन मूल समस्या बनी हुई है। जब चालक असुरक्षित महसूस करते हैं और यात्री रोज़मर्रा की बसों में हिंसा देखते हैं, तो पूरी परिवहन व्यवस्था एक कठिन परीक्षा से गुजरती है। नियंत्रण, सुरक्षा और स्थिरता की पुनर्स्थापना अब सबसे अहम मुद्दा है।